तुम हुस्न परी (click to read more)
Dear Maa,
तुम हुस्न परी,
तुम चाय संग खारी,
तुम जाने जहां,
तुम यहां, तुम वहां।।
तुम दिल की तमन्ना,
तुम दाल बाटी वाला चुरमा,
तुम जुबान की मिठास
तुम सबसे झकास।।
तुम काटों मे चलती जुती,
तुम गर्मी मे कुल्फी,
तुम बारीश मे अद्रक वाली चाय,
तुम हो जैसी इक गाय।।
तुम पावभाजी वाला मसाला,
तुम हो तो रात में भी ऊजाला,
तुम जिलेबी की छासनी,
तुम आधी रात में लगने वाला पानी।।
तुम हो सिता, तुम हो यशोदा,
तुम हो दाता, तुम हि तो हो शतरंज का प्यादा,
तुम बिमारी मे उकाला,
तुम समुंदर के मोतियों कि माला।।
तुम दोस्ती का साथ,
तुम मस्तक पर हाथ,
तुम दोपहर की निंद,
तुम संसार का केंद्रबिंद।।

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